प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार # Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
( Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar )
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है, जो 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के असाधारण धैर्य, साहस, सृजनात्मकता और अदम्य जज़्बे वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए समर्पित है । भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा यह पुरस्कार प्रतिवर्ष नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है । इस पुरस्कार के अंतर्गत छह श्रेणियों—
बहादुरी,
समाज सेवा,
पर्यावरण,
खेल,
कला एवं संस्कृति तथा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी—में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित किया जाता है।
असाधारण वीरता तथा उत्कृष्टता के लिए बच्चों को छह क्षेत्रों में लगभग 25 पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं । इस प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह का आयोजन वीर बाल दिवस (26 दिसंबर) के अवसर पर किया जाता है, जो गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के ऐतिहासिक बलिदान और उनके अदम्य नैतिक साहस को समर्पित है ।
वर्ष 2019 में इसकी शुरुआत के बाद से अब तक 203 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है । भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाती है । यह दिवस दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के साहिबज़ादों —साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह के बलिदान और अदम्य साहस की स्मृति को समर्पित है ।
साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह की आयु क्रमशः 9 वर्ष और 7 वर्ष थी । उन्होंने दबाव और प्रलोभनों के बावजूद अपना धर्म त्यागने से इनकार किया, जिसके कारण 26 दिसंबर, 1704 को वे शहीद हो गए । उनका बलिदान कम आयु में भी अदम्य साहस, नैतिक दृढ़ता और अपने विश्वास के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है । विपरीत परिस्थितियों में उनके अद्वितीय त्याग और वीरता आज भी बच्चों को प्रेरित करते हैं ।