संशोधित उड़ान योजना : भारत के क्षेत्रीय विमानन नेटवर्क को सशक्त बनाना (Modified UDAN: Strengthening India’s Regional Aviation Network)
संशोधित उड़ान योजना : भारत के क्षेत्रीय विमानन नेटवर्क को सशक्त बनाना
(Modified UDAN: Strengthening India’s Regional Aviation Network)
[ Regional Connectivity Scheme (RCS) – UDAN (Ude Desh ka Aam Nagrik)]
-------
कनेक्टिविटी (Connectivity) आर्थिक विकास की आधारशिला रही है। यह उत्पादन को बाज़ारों से और लोगों को अवसरों से जोड़ती है। तेज, विश्वसनीय और सुलभ परिवहन आज सतत विकास की एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। इस परिदृश्य में, नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेज, सुगम और व्यापक संपर्क उपलब्ध कराने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरा है।
भारत में हवाई संपर्क कुछ चुनिंदा महानगरों और बड़े शहरों तक ही सीमित रहा है। अनेक छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित हवाई सेवाओं का अभाव था। इस स्थिति ने महानगरों से परे क्षेत्रीय हवाई संपर्क का विस्तार करने और देश के अधिक से अधिक हिस्सों को राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
अक्टूबर 2016 में सुलभ और व्यापक हवाई संपर्क की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) – उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक)[Regional Connectivity Scheme (RCS) – UDAN (Ude Desh ka Aam Nagrik) ] शुरू की गई। यह योजना नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन बाजार बन चुका है। पिछले एक दशक में देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उड़ान योजना के तहत 15 जुलाई 2026 तक देशभर में 679 क्षेत्रीय मार्गों के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और जल एयरोड्रोमों को जोड़ा जा चुका है। योजना की शुरुआत से अब तक 3.58 लाख से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया है, जिनके माध्यम से 1.68 करोड़ से अधिक यात्रियों को हवाई यात्रा की सुविधा प्राप्त हुई है। ये उपलब्धियां क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास में उड़ान योजना के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती हैं।
इसी क्रम में 4 जुलाई 2026 को शुरू की गई संशोधित उड़ान योजना(Modified UDAN)भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। यह योजना 10 वर्षों की अवधि, अर्थात वर्ष 2026–27 से 2035–36 तक, 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ लागू की जा रही है। योजना के इस चरण में हवाई अड्डा अवसंरचना के विस्तार, परिचालन सहायता को सुदृढ़ करने तथा छोटे बाजारों में सेवाएं प्रदान करने वाले विमानन परिचालकों के लिए अधिक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य उड़ान योजना की अब तक की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
उड़ान योजना के तहत 15 जुलाई 2026 तक देशभर में 679 क्षेत्रीय मार्गों के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और जल एयरोड्रोमों को जोड़ा जा चुका है। योजना की शुरुआत से अब तक 3.58 लाख से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया है, जिनके माध्यम से 1.68 करोड़ से अधिक यात्रियों को हवाई यात्रा की सुविधा प्राप्त हुई है। ये उपलब्धियां क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास में उड़ान योजना के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती हैं।
(SOURCE :17JUL2026PIB)
-------
Modified UDAN: Strengthening India’s Regional Aviation Network
-------
~UDAN (Ude Desh ka Aam Nagrik) was launched in October 2016.
~Modified UDAN Scheme, launched on 4th July 2026
~Launched to expand regional air connectivity, the UDAN scheme has widened access to airtravel across India.
Over nine years, the scheme has operationalised -
~679 routes across 95 airports, heliports and water aerodromes.
~More than 3.58 lakh flights have served over 1.68 crore passengers under the scheme.
~ Implemented from FY 2026–27 to 2035–36 with an outlay of ₹28,840 crore.
~ 100 new airports and 200 modern helipads to strengthen last-mile connectivity.
~These achievements highlight UDAN’s contribution to mobility, economic activity and
balanced development.
-------
BY: Abhishal Prakashan, Prayagraj
Website : https://www.abhishalprakashan.com