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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (India's First Hydrogen Train)

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Abhishal Prakashan
Publisher • Published Jul 20, 2026

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

(India's First Hydrogen Train)

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17 जुलाई 2026 को उद्घाटन के साथ हाइड्रोजन ईंधन सेल से चलने वाली ट्रेन उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत खंड पर चलेगी। हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहली स्वदेशी ट्रेन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक स्वचालित इंजन है जो चलायमान रहते हाइड्रोजन का उपयोग करके अपनी बिजली उत्पन्न करता है। यह ट्रेन समर्पित हाइड्रोजन भंडारण, ईंधन भरने और परिचालन बुनियादी ढांचे के साथ उन्नत प्रणोदन प्रौद्योगिकी से युक्त है।

यह पहल भारत को जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे उन देशों की श्रेणी में शामिल करती है, जिन्होंने हाइड्रोजन आधारित रेल परिवहन को अपनाया है।अनुसंधान, डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जीवाश्म ईंधन (डीजल) पर निर्भरता कम करने के लिए हाइड्रोजन तकनीक दुनिया भर में एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरी है। यह स्वचालित ट्रेन चलते समय ही अपनी बिजली खुद उत्पन्न करती है। इसका परिचालन उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत खंड पर शुरू किया गया है, जो उन्नत प्रणोदन प्रौद्योगिकी, समर्पित हाइड्रोजन भंडारण और आधुनिक ईंधन भरने के बुनियादी ढांचे से लैस है।

हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को RDSO के तैयार डिजाइन अनुमोदन और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार विकसित किया गया है। पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित यह ट्रेन आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।

ट्रेन की मुख्य विशेषताएं-

~ 10-कार वाली हाइड्रोजन ईंधन सेल-आधारित ट्रेन।

~ 1200 KW हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित।

~ 110 किलोमीटर/ घंटे की डिजाइन गति के साथ 75 किलोमीटर/ घंटे की अधिकतम गति से संचालित।

~ लगभग 2,600 यात्री क्षमता।

~ प्रोटोटाइप निर्माण के माध्यम से डिजाइन चरण से विकसित।

~ यह मध्यवर्ती स्टेशनों की सेवा करते हुए जींद जंक्शन, गोहाना जंक्शन और सोनीपत को जोड़ेगी।

~प्रस्तावित हॉल्ट में जींद सिटी, पांडु पिंडारा जंक्शन, ललित खेड़ा हॉल्ट, भांभेवा, ईसापुर खीरी हॉल्ट, ब्यूटेन

हॉल्ट, खंडराई हॉल्ट, रबरा हॉल्ट, लठ हॉल्ट, मोहना, बड़वासनी हॉल्ट और सोनीपत न्यू शामिल हैं।

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India's First Hydrogen-Powered Train

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Launch : 17 July 2026.

Route : Jind–Sonipat section of Northern Railway.

Developed by : Designed as per RDSO specifications under the vision of Atmanirbhar Bharat.

Train Features:

~ 10-coach hydrogen fuel cell train.

~ Powered by a 1200 kW Hydrogen Fuel Cell Propulsion System.

~ Approved maximum speed : 75 km/h (Design speed: 110 km/h).

~ Passenger capacity : Around 2,600.

~Technology: Uses Proton Exchange Membrane Fuel Cell (PEMFC) technology, where

hydrogen reacts with oxygen to generate electricity.

~Environmental Benefit: Produces only water vapour and heat, making it a zero tailpipe emission and clean transport system.

~ Hydrogen Infrastructure: India's largest railway hydrogen storage and refuelling facility has been established at Jind, Haryana, with a storage capacity of 3,000 kg.

~ Safety Measures: Equipped with hydrogen leak detectors, flame sensors, automatic fuel shut-off, continuous ventilation, 24×7 monitoring, and trained personnel.

~ Operational Setup: Includes two Hydrogen Driving Power Cars (DPCs), eight trailer coaches, LFP batteries, and hydrogen storage cylinders.

~ Importance: Supports the National Green Hydrogen Mission, promotes energy efficiency, reduces carbon emissions, and lays the foundation for sustainable, future-ready rail mobility in India.

~ Significance: Marks India's entry into hydrogen-powered rail transport, joining Germany, Japan, China, and the USA.

देश की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन भंडारण और ईंधन भरने की सुविधा हरियाणा के जींद में स्थापित की गई है। इस स्वदेशी संयंत्र में एक बार में लगभग 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन का भंडारण होता है। यह हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन संचालन में मदद करेगा। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने आवश्यक लाइसेंस प्रदान किया है।

यह हाइड्रोजन ट्रेन सिर्फ एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की हरित रेल प्रणालियों के लिए बुनियादी ढांचा और तकनीकी क्षमता स्थापित करने का एक बड़ा माध्यम है। यह भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और शुद्ध-शून्य (Net-Zero) कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को गति देने में बेहद मददगार साबित होगा।

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