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बॉस स्कैम और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ( Boss Scam and Cyber Financial Fraud )

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Abhishal Prakashan
Publisher • Published Aug 9, 2026

बॉस स्कैम और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी

( Boss Scam and Cyber Financial Fraud )

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भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C – Indian Cyber Crime Coordination Centre) ने कॉरपोरेट कर्मचारियों, वित्तीय पेशेवरों तथा व्यवसायियों को तेजी से बढ़ रहे ‘बॉस स्कैम’ (Boss Scam)के प्रति सचेत किया है। इस साइबर अभियान में व्हाट्सएप, SMS और ई-मेल के माध्यम से नकली Account Statement, RBI तथा MCA Files भेजकर कंप्यूटर में मैलवेयर स्थापित किया जाता है। इसके बाद व्हाट्सएप अकाउंट को हाईजैक कर बड़ी रकम को फर्जी बैंक खातों में स्थानांतरित कराया जाता है।

साइबर धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

1. दुर्भावनापूर्ण फाइलों का प्रसार (Malicious File Distribution):

पीड़ितों को सामान्यतः ".zip"फाइल भेजी जाती है, जिसका नाम Statement of Account, RBI, MCA आदि होता है। इसमें दुर्भावनापूर्ण ".exe" और ".dll"फाइलें होती हैं।

2. मैलवेयर संक्रमण (Malware Infection):

Windows कंप्यूटर पर फाइल खोलने के बाद Trojan इंस्टॉल हो जाता है। यह DLL Side-Loading जैसी तकनीक का उपयोग करके सिस्टम को संक्रमित करता है और WhatsApp Web Session को हाईजैक कर सकता है।

3. संक्रमण का प्रसार (Chain Infection):

हैक किया गया WhatsApp अकाउंट अपने संपर्कों और समूहों में वही फाइल स्वतः भेज सकता है। इससे संक्रमण कॉरपोरेट नेटवर्क में तेजी से फैलता है।

4. बॉस/CEO प्रतिरूपण (Boss/CEO Impersonation):

अपराधी वरिष्ठ अधिकारी के वास्तविक या नियंत्रित WhatsApp अकाउंट का उपयोग करके वित्तीय कर्मचारियों को तत्काल धन हस्तांतरण (Urgent Fund Transfer) का निर्देश देते हैं। धनराशि फर्जी बैंक खातों में भेजी जाती है।

प्रमुख लक्षित वर्ग (Key Target Groups)

1.चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountants)

2.कंपनी निदेशक (Company Directors)

3.मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFOs)

4.वित्त एवं लेखा कर्मचारी (Finance & Accounting Teams)

5.व्यापारी एवं कॉरपोरेट संस्थान (Business & Corporate Entities)

I4C द्वारा उठाए गए कदम (Measures Taken by I4C)

1.पीड़ितों को अलर्ट (Victim Alerts): I4C संदिग्ध/संभावित पीड़ितों को सक्रिय रूप से सूचित कर रहा है।

2.खतरे के संकेत साझा करना (Threat Intelligence Sharing): मैलवेयर के Indicators of Compromise को CERT-In, Microsoft Defender तथा भारतीय एंटीवायरस कंपनियों के साथ साझा किया गया है।

3.नागरिक सुरक्षा (Citizen Protection): समन्वित कार्रवाई के माध्यम से 10,000 से अधिक भारतीयों को बचाया गया है।

4.SMS Alert System: पिछले 30 दिनों में‘I4CMHA-G’ SMS Header के माध्यम से 58,000 से अधिक संभावित पीड़ितों को चेतावनी दी गई है।

5.C2 सर्वर ब्लॉकिंग (C2 Server Blocking): सहयोग पोर्टल के माध्यम से मैलवेयर से जुड़े Command-and-Control सर्वरों को ब्लॉक किया जा रहा है।

आवश्यक सावधानियाँ (Preventive Measures)

1.अज्ञात स्रोतों से प्राप्त ZIP/EXE/DLL फाइलें डाउनलोड या ओपन न करें (Do Not Open Suspicious Files)।

2.RBI जैसे नियामक संस्थानों के नाम पर आए WhatsApp Attachments पर भरोसा न करें।

3.WhatsApp > Settings > Linked Devices में नियमित रूप से सक्रिय सेशन की जांच करें।

4.किसी भी Bank Account Change या Fund Transfer Request की स्वतंत्र रूप से फोन/व्यक्तिगत संपर्क द्वारा पुष्टि करें।

5.Windows सिस्टम में अद्यतन Anti-Malware/Endpoint Security का उपयोग करें।

6.संदिग्ध ".exe" और ".dll" फाइलों के निष्पादन को सिस्टम स्तर पर प्रतिबंधित करें।

7. अकाउंट हैक होने पर सभी Linked Devices से तुरंत Logout करें और संपर्कों को सचेत करें।

[ SOURCE: 07AUG2026 PIB ]

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